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अद्वितीय लेखक और शिक्षक हैं देवेंद्र जी

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद के निवासी और एक उत्कृष्ट शिक्षक व लेखक श्री देवेंद्र कुमार की सफलता की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह मेहनत, समर्पण और गुणवत्ता की मिसाल भी पेश करती है। वर्ष 2014 का 25 जून का वह ऐतिहासिक दिन, जब मेरठ जनपद के प्रसिद्ध अरिहंत प्रकाशन की इकाई रिप्लीट एजुटेक द्वारा प्रकाशित पुस्तक ' तकनीकी आरेखन'  को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा सर्वोत्तम मूल पाठ्यपुस्तक के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, देवेंद्र कुमार जी के जीवन का स्वर्णिम अध्याय बन गया। लेखक और शिक्षक का सफर श्री देवेंद्र कुमार, जो सहारनपुर के एक पॉलीटेक्निक संस्थान में प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं, ने न केवल अपने शिक्षण कौशल से छात्रों का मार्गदर्शन किया, बल्कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी लेखनी से भी गहरी छाप छोड़ी। उनकी पुस्तक 'तकनीकी आरेखन' को वर्ष 2013 में सर्वश्रेष्ठ पाठ्यपुस्तक के रूप में चुना गया। यह पुस्तक न केवल तकनीकी छात्रों के लिए एक उपयोगी संसाधन बनी, बल्कि इसके माध्यम से उन्होंने तकनीकी शिक्षा के मापदंडों को एक नई दिशा दी। अरिहंत ...

कल्पनाओं को मूर्त रूप दे देने वाला शख्स

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भूमिका एक बच्चा था, जो बचपन से ही जिज्ञासु था और ज्ञान की ओर आकर्षित होता था। उसका मन हमेशा नई जानकारी हासिल करने और ज्ञान के सागर में गोता लगाने के लिए लालायित रहता था। सीमित साधनों से भी वह अच्छा प्रदर्शन कर पढ़ाई में अग्रणी रहने की कोशिश करता। किताबों से प्रेम और अध्ययन की ललक उसे कभी थमने नहीं देती थी। उसने खुद को न केवल शैक्षिक दृष्टि से मजबूत किया, बल्कि अपनी कमजोरियों पर भी काम किया। वह सोचता था कि ज्ञान केवल पुस्तकें पढ़ने से नहीं आता, बल्कि जीवन के अनुभवों और दूसरों से सीखने से भी मिलता है। धीरे-धीरे उसकी मेहनत रंग लाई, और उसने लाइब्रेरी विज्ञान में अपनी पढ़ाई पूरी की। अंततः, वह एक सफल लाइब्रेरियन बन गया। दिलचस्प यह कि उसने अपने ज्ञान को उच्चीकृत करना ना छोड़ा। जानिए इस शख्स को डॉ. विनय कुमार कैंथोला ने पीसी एप्लिकेशन में डिप्लोमा और पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने यूजीसी-नेट उत्तीर्ण किया है और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में पीएच.डी. की है। उनका शोध मुख्य रूप से एलआईआरसी में आईसीटी टूल्स के उपयोग, सूचना प्रबं...

समाज के समर्पित शिक्षक अनिल जी

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भूमिका समर्पित शिक्षक अनिल जी का प्रस्तुत विवरण प्रमाण है कि एक शिक्षक केवल ना केवल ज्ञान का, अपितु समाज निर्माण का भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ हो सकता है। हमारा यकीन है कि उनकी लगन, निष्ठा और समर्पण सदैव सभी के लिए प्रेरणादायक रहेगा।   विवरण शिक्षा का क्षेत्र हमेशा से समाज की नींव को मजबूत करने का माध्यम रहा है। एक ऐसे ही समर्पित शिक्षक हैं घिटोरनी के अनिल जी, जिनका जीवन आदर्श और सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। अपनी कर्मठता और निष्ठा से शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत आधारशिला के रूप में वे तमाम अभियानों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।   इनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ, लेकिन शिक्षा के प्रति इनकी लगन ने इन्हें आज असाधारण बना दिया है। प्रारंभिक शिक्षा से ही इनके मन में ज्ञान अर्जन और बांटने की भावना प्रबल रही। शिक्षा प्राप्ति के बाद, इन्होंने अध्यापन कार्य को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया और पूरी निष्ठा के साथ इसे निभाया।                          शिक्षक अनिल जी            ...

आत्मविश्वास और समर्पण की मिसाल है वर्णिका

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भूमिका साथियो! हम इंसानों की प्रेरणा हमारे मध्य ही रहती हैं और उनका थोड़ा सा ही अतिरिक्त परिश्रम उनको निखारता चला जाता है और वो विशिष्ट कोटि के हो जाते हैं। एक ऐसी ही प्रतिभा है वर्णिका चौधरी। आइए जानिए उनके व्यक्तित्व को। विवरण वर्णिका चौधरी सहारनपुर की वह युवा क्रिकेटर हैं, जिनकी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। एक उत्कृष्ट बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाने वाली वर्णिका ने अपनी मेहनत और अनुशासन से उत्तर प्रदेश अंडर-23 महिला टी-20 टीम की कप्तानी का गौरव हासिल किया। उनकी खेल शैली में आत्मविश्वास और साहस साफ झलकता है, जो उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।   साधारण पृष्ठभूमि से असाधारण सफर तक  गंगोह के गांव बीराखेड़ी की निवासी वर्णिका चौधरी का सफर प्रेरणादायक है। एक किसान पिता राजपाल सिंह और गृहिणी माता सुषमा चौधरी की बेटी होने के बावजूद उन्होंने सीमित संसाधनों को कभी अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। उनका संघर्ष और आत्मबल इस बात का प्रमाण है कि अगर लगन सच्ची हो, तो हर बाधा पार की जा सकती है।   नेतृत्व और उपलब्धियां वर्णिका न केवल...