संदेश

जुलाई, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सम्मान

चित्र
  प्रेस विज्ञप्ति बहुमुखी प्रतिभा की धनी प्रभा जी का सम्मान प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हुए प्रभा जी ने मास्टर एक्वेटिक्स प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। 30–35 वर्ष की महिला वर्ग की 50 मीटर तैराकी स्पर्धा में उन्होंने लगातार तीन बार स्वर्ण पदक जीतकर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्ष 2022 में उन्होंने एक ही प्रतियोगिता में चार स्वर्ण पदक जीतकर उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम दर्ज की। प्रभा जी का साहस और आत्मविश्वास उस समय भी देखने को मिला जब उन्होंने 18 फीट की ऊँचाई से स्विमिंग पूल में छलांग लगाकर अपने अद्भुत कौशल का प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि उनकी शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और कठिन चुनौतियों का सामना करने के जज़्बे का प्रतीक है। खेल जगत में उत्कृष्टता के साथ-साथ प्रभा जी कला और साहित्य के क्षेत्र में भी समान रूप से सक्रिय हैं। उन्हें चित्रकला, लेखन, काव्य-सृजन तथा बागवानी में विशेष रुचि है। उन्होंने अनेक कला प्रदर्शनियों का सफल आयोजन किया है तथा अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से समाज में सकारात्मक सं...

सीमाओं से परे सोच का नाम है रामस्वरूप गुर्जर

चित्र
सीमाओं से परे सोच का नाम है  रामस्वरूप गुर्जर राजस्थान की धरती सदैव ऐसे व्यक्तित्वों को जन्म देती रही है, जो अपनी सादगी, संवेदनशीलता और कर्मशीलता से समाज में नई प्रेरणा जगाते हैं। पचेवर निवासी श्री राम स्वरूप गुर्जर भी ऐसे ही व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने सामाजिक सरोकारों को केवल विचारों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें अपने कार्यों के माध्यम से जीवंत रूप दिया। सामाजिक चेतना, मानवीय मूल्यों और जनहित के प्रति समर्पित उनका जीवन आज एक नई वैश्विक पहचान की ओर अग्रसर हुआ है। प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म कार्यशाला में उनका चयन इस बात का प्रमाण है कि यदि सोच सकारात्मक हो और उद्देश्य समाज के हित से जुड़ा हो, तो छोटे स्थानों से उठने वाली आवाज़ भी विश्व मंच तक पहुँच सकती है। 7 से 9 सितंबर 2026 तक इंडोनेशिया के बाली में आयोजित होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में 55 देशों के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, कथाकार और सामाजिक प्रभाव से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगे। ऐसे महत्वपूर्ण मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए श्री राम स्वरूप गुर्जर का चयन होना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय सामाजिक च...

प्रगतिशील कृषक सुरेंद्र अवाना

चित्र
प्रगतिशील कृषक सुरेंद्र अवाना   एकीकृत कृषि, गौ-संवर्धन और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का प्रेरक मॉडल विशेष आलेख | उलझन सुलझन भारत की कृषि व्यवस्था आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। बढ़ती लागत, घटते प्राकृतिक संसाधन, जलवायु परिवर्तन और बाजार की अनिश्चितताओं के बीच यदि कोई मॉडल किसानों को स्थायी आय, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समृद्धि का मार्ग दिखा रहा है, तो वह है एकीकृत कृषि प्रणाली (Integrated Farming System) । इस दिशा में राजस्थान की धरती पर कार्यरत प्रगतिशील कृषक श्री सुरेंद्र अवाना का व्यक्तित्व एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरता है। हाल ही में जयपुर स्थित उनके निवास पर श्री मोहनलाल वर्मा, प्रो. राकेश राणा, असिस्टेंट प्रोफेसर देवेंद्र नागर तथा उलझन सुलझन के प्रतिनिधि ने उनसे आत्मीय भेंट कर कृषि, नवाचार, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण तथा एकीकृत कृषि के विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा की। यह मुलाकात केवल परिचय भर नहीं थी, बल्कि भारतीय कृषि के भविष्य पर गंभीर चिंतन का अवसर भी बनी। 450 गिर गौवंश के साथ आत्मनिर्भर कृषि का जीवंत उदाहरण श्री सुरेंद्र अवाना का सबसे उल्लेखनीय कार्य है लगभग 450 गिर नस...