किसी संस्था से कम नहीं हैं डॉ. लता अग्रवाल जी
परिचय बचपन में पिता का साया उठ जाने से उनके प्रति संवेदनाएँ स्वाभाविक रूप से अधिक गहरी हो जाती हैं। इसी भावना को आत्मसात करते हुए सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. लता अग्रवाल 'तुलजा' ने अपनी लेखनी के माध्यम से पिता को समर्पित अनेक रचनाएँ प्रस्तुत की हैं। शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान देने वाली डॉ. लता अग्रवाल अब तक लगभग नब्बे पुस्तकें रच चुकी हैं, जिनमें उपन्यास, कथा संग्रह, लघुकथा संग्रह और काव्य संग्रह सम्मिलित हैं। उनके पति श्री महेश अग्रवाल उनका सशक्त संबल बने हुए हैं। साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनकी पुत्री मिताली ने भी अपनी उपलब्धियों से परिवार का नाम रोशन किया है। मात्र दो माह पूर्व उन्होंने 'मिसेज तेलंगाना' का प्रतिष्ठित खिताब जीता और अब 'मिसेज इंडिया' प्रतियोगिता में प्रतिभागी के रूप में चयनित हुई हैं। अपने दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि स्वरूप डॉ. लता अग्रवाल ने 1,111 कविताओं का विशाल संकलन 'हस्ताक्षर हैं पिता' शीर्षक से प्रकाशित हुआ है। डेढ़ हजार पृष्ठों के दो वॉल्यूम में सजी यह कृति एक विश्व कीर्तिमान स्थापित करने वाली अनू...