संस्कारी, मृदुभाषी और जीवट के धनी हैं राजवीर पीलवान जी
राजवीर पीलवान जी का जन्म 1 अप्रैल 1961 को दिल्ली के करावल नगर गाँव में एक संस्कारित किसान परिवार में हुआ। छह भाइयों और तीन बहनों में तीसरे स्थान पर जन्मे राजवीर जी ने उच्च शिक्षा प्राप्त की। 8 मई 1983 को उनका विवाह श्रीमती बालेश्वरी देवी (नागर) से हुआ। उनके दो पुत्र हैं — दोनों ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर सरकारी अध्यापक की नौकरी प्राप्त की, जिनमें से बड़े पुत्र आज एक सफल यूट्यूबर Technical Dost के नाम से पहचाने जाते हैं।
11 मई 2022 को उनकी धर्मपत्नी के निधन के बावजूद, राजवीर जी ने सामाजिक कार्यों में अपनी निरंतर सक्रियता बनाए रखी। वे गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट और गुर्जर एजुकेशन वेलफेयर ट्रस्ट जैसे संगठनों से जुड़े हैं और समाजसेवा में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
राजवीर जी अपनी विनम्रता, शिष्टाचार और सदैव मुस्कराते चेहरे के लिए जाने जाते हैं। वे प्रत्येक महिला को ‘बहन’ या ‘बेटी’ कहकर संबोधित करते हैं और सम्मानपूर्ण व्यवहार को प्राथमिकता देते हैं।
वे तकनीकी रूप से दक्ष हैं और लेखन तथा संवाद में निपुण हैं। उन्होंने गुर्जर समाज, विशेषकर क्रांतिकारी पथिक जी पर आधारित शोधकार्यों में भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। वे समाज के बच्चों की शिक्षा व उन्नति के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं और अपनी सामर्थ्यानुसार आर्थिक सहायता भी प्रदान करते हैं।
राजवीर पीलवान जी सकारात्मक सोच, निस्वार्थ सेवा और सत्य के प्रति अडिग रहने वाले व्यक्तित्व हैं। वे अपने समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत और सच्चे सामाजिक कर्मयोगी हैं।
सूचना स्रोत
डॉक्टर ज्योति भड़ाना
सम्पादिका, उलझन सुलझन (लेडीज विंग)
फरीदाबाद (हरियाणा)
पाठ्य उन्नयन
चैट जीपीटी
प्रस्तुति



बहुत बहुत बधाई हो राजवीर जी।आप सदैव इसी तरह सामाजिक सरोकार निभाते रहे।साथ ही ज्योती जी को भी बहुत बहुत शुक्रिया की उन्होंने हमें ऐसे पुण्य आत्मा से परिचित करवाया।
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