दृढ़प्रतिज्ञ प्रकृति का व्यक्तित्व हैं श्री अमराराम गुर्जर
परिचय
नाम - अमराराम गुर्जर
जन्मस्थान - ढूंढा लांबोड़ी गांव, पाली जिला, राजस्थान
वर्तमान पद - भारत के अगले उच्चायुक्त, मलावी गणराज्य
सेवा - भारतीय विदेश सेवा (IFS)
उपलब्धियाँ
- इटली में भारत के उपराजदूत
- विदेश मंत्रालय में निदेशक और संयुक्त सचिव
- भारत का प्रतिनिधित्व मिस्र, ओमान, पुर्तगाल आदि देशों में
प्रेरणादायक जीवन यात्रा
एक साधारण पशुपालक परिवार से निकलकर, अमराराम गुर्जर ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। बचपन में बकरियां चराना, नंगे पांव स्कूल जाना, आर्थिक तंगी में पढ़ाई छोड़ना—इन सभी संघर्षों को पार करते हुए उन्होंने दृढ़ निश्चय और मेहनत से अपना मार्ग बनाया।
अपने माता-पिता के निधन जैसी गहरी व्यक्तिगत क्षति के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बिना कॉलेज गए स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की। सरकारी शिक्षक, उप निरीक्षक और स्टेशन मास्टर जैसी नौकरियों को पीछे छोड़ते हुए, उनका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवाओं तक पहुँचना रहा।
यूपीएससी सफर
- 2006: पहला प्रयास, इंटरव्यू तक पहुँचे
- 2008: तीसरे प्रयास में 140वीं रैंक, भारतीय विदेश सेवा में चयन
प्रेरणा का स्रोत
अमराराम गुर्जर का जीवन संघर्ष और सफलता की मिसाल है। वे युवाओं के लिए यह संदेश छोड़ते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रह सकता।
गौरव का क्षण
मलावी गणराज्य में भारत के उच्चायुक्त के रूप में नियुक्ति की खबर से उनके पैतृक गांव और समूचे पाली जिले में उत्सव जैसा माहौल है। वे न केवल ग्रामीण भारत बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुके हैं।
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उलझन सुलझन

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